भारत
NEET मुद्दे को लेकर बृजमोहन अग्रवाल ने राहुल गांधी को संसद में बहस की चुनौती
Shantanu Roy
12 Aug 2026 8:52 PM IST

x
बड़ी खबर
New Delhi/Raipur. नई दिल्ली/रायपुर। NEET के मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले में सरकार और विपक्ष के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच कहा गया है कि देश की जनता अब केवल राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि अपने सवालों के स्पष्ट जवाब चाहती है। साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी से इस मुद्दे को सड़क के बजाय संसद के भीतर तथ्यों के साथ उठाने और सरकार से जवाब मांगने की अपील की गई है। NEET से जुड़े मुद्दों को लेकर कहा गया कि यह विषय लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। ऐसे में इसे केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रखने के बजाय संसद में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए। सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसद में चर्चा के लिए तैयार होने का दावा करते हुए विपक्ष से भी सदन की कार्यवाही में भाग लेकर अपनी आपत्तियां और सवाल रखने को कहा गया है। बयान में कहा गया, “NEET के मुद्दे पर देश की जनता सिर्फ बयान नहीं, जवाब चाहती है। जब सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में चर्चा के लिए तैयार हैं, तो विपक्ष को भी तथ्यों के साथ सदन में आना चाहिए और अपने सवालों के जवाब संसद के भीतर मांगने चाहिए।”
NEET के मुद्दे पर देश की जनता सिर्फ बयान नहीं, जवाब चाहती है।
— Brijmohan Agrawal (@brijmohan_ag) August 12, 2026
जब सरकार और माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री @AmitShah जी संसद में चर्चा के लिए तैयार हैं, तो विपक्ष को भी चाहिए कि वह तथ्यों के साथ सदन में आए और अपने सवालों के जवाब संसद के भीतर मांगे।
राहुल गांधी जी, बहस सड़क पर… pic.twitter.com/FokCelv8Ce
राहुल गांधी से संसद में सवाल उठाने की अपील
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा गया कि NEET जैसे महत्वपूर्ण विषय पर बहस सड़क के बजाय संसद में होनी चाहिए। विपक्ष के पास यदि परीक्षा व्यवस्था, पारदर्शिता या इससे जुड़े अन्य विषयों पर सवाल हैं तो उन्हें तथ्यों और दस्तावेजों के साथ सदन में रखा जाना चाहिए। बयान में राहुल गांधी से कहा गया, “बहस सड़क पर नहीं, संसद के भीतर कीजिए। सवाल कठिन हैं तो जवाब भी संसद में दीजिए।” इसके साथ ही सवाल उठाया गया कि इस पूरे मामले में प्राथमिकता वास्तविक मुद्दे और विद्यार्थियों की चिंताओं के समाधान की है या राजनीतिक टकराव की। NEET लंबे समय से देश की राजनीति में महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े विभिन्न विवादों को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर सवाल उठाता रहा है। दूसरी ओर सरकार की तरफ से समय-समय पर परीक्षा व्यवस्था और उससे जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखा गया है। ऐसे में संसद के भीतर होने वाली विस्तृत चर्चा को सरकार और विपक्ष दोनों के लिए अपनी बात रखने का महत्वपूर्ण मंच बताया जा रहा है।
छात्रों के सवालों पर जवाब की मांग
NEET का विषय केवल सत्ता पक्ष और विपक्ष की राजनीतिक लड़ाई तक सीमित नहीं है। मेडिकल की तैयारी करने वाले लाखों विद्यार्थी और उनके परिवार परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की अपेक्षा रखते हैं। इसी वजह से इस मुद्दे पर होने वाली प्रत्येक राजनीतिक बहस का सीधा असर विद्यार्थियों के बीच भी दिखाई देता है। कहा गया है कि संसद लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार से सवाल पूछने और जवाब हासिल करने का सबसे महत्वपूर्ण मंच है। विपक्ष को अपने आरोपों और आशंकाओं को सदन में तथ्यों के साथ रखना चाहिए, वहीं सरकार को भी उनसे जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए। NEET को लेकर जारी राजनीतिक टकराव के बीच अब निगाह इस बात पर रहेगी कि यह मुद्दा संसद में किस रूप में उठता है और सरकार तथा विपक्ष के बीच इस पर किस तरह की चर्चा होती है। फिलहाल संदेश साफ है कि विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर ठोस जवाब और समाधान सामने आने चाहिए।
TagsNEETनीट विवादNEET मुद्दाराहुल गांधीअमित शाहसंसदसंसद में बहसकेंद्र सरकारकांग्रेसविपक्षNEET परीक्षामेडिकल प्रवेश परीक्षाछात्रों के सवालNEET StudentsRahul GandhiAmit ShahParliament DebateCentral GovernmentNEET Controversyमेडिकल छात्रपरीक्षा व्यवस्थासंसद सत्रराजनीतिक घमासाननई दिल्लीरायपुरशिक्षाविद्यार्थियों का मुद्दाNEET controversyNEET issueParliamentdebate in ParliamentCongressOppositionNEET exammedical entrance examstudents
Next Story





